ध्वनि प्रदूषण दिन-प्रतिदिन एक बड़ी समस्या बन रहा है जो मानव जीवन को कई तरीकों से प्रभावित कर रहा है। वातावरण में ध्वनि प्रदूषण के उच्च और असुरक्षित स्तर का विपरीत प्रभाव मनुष्य, जानवर और वनस्पति के स्वस्थ्य पर पड़ता है। हमारे शहरों में वाहनों की बढ़ती संख्या से तथा अनावश्यक हाॅर्न के उपयोग से ध्वनि प्रदूषण होता है। हाॅर्न के अनावश्यक प्रयोग से होने वाले ध्वनि प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने की अत्यन्त आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग प्रदेश में ध्वनि प्रदूषण के विषय को लेकर जागरूकता अभियान प्रारम्भ किया गया इसके अन्तर्गत प्रथम चरण में दो मुख्य शहर शिमला एवं मनाली को शामिल किया गया है।

इस अभियान का शुभारंभ शिमला शहर से माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश द्वारा दिनांक 3 अगस्त 2018 को किया गया।  

इस अवसर पर एक मोबाईल एप्लिकेशन 'शोर नहीं' का भी शुभारंभ किया गया जिसकी सहायता से कोई भी नागरिक अपने आस-पास हो रहे ध्वनि प्रदूषण कि शिकायत मोबाइल फोन पर त्वरित रूप से कर सकता है। इस अवसर पर ध्वनि प्रदूषण पर जागरूकता हेतु IEC सामग्री एवं स्टीकर भी माननीय मुख्य मंत्री द्वारा जारी किए गए।

अंतिम संशोधित तिथि : 01-05-2020
संशोधित किया गया: 17/02/2021 - 10:10
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